हरियाणा देश-विदेश के निवेशकों की पहली पसंद : नायब सैनी
पीएम मोदी की सोच भारत को दुनिया के सबसे अग्रणी देश के रूप में खड़ा करना है : नायब सैनी
घर-घर स्वदेशी हमारा लक्ष्य : पंडित मोहन लाल बड़ौली
मुख्यमंत्री नायब सैनी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर, संगठन मंत्री फणीन्द्रनाथ शर्मा ने विधि प्रकोष्ठ के सेमिनार में स्वदेशी अपनाने पर दिया जोर
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य एक राष्ट्रवादी विचार, जन आंदोलन और राष्ट्रीय जागरण है। उन्होंने कहा कि हम अपने देश में बनी वस्तुओं का उपयोग करके ही देश को हर तरह से आत्मनिर्भर बना सकते हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी शनिवार को पंचकूला स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय पंचकमल में विधि प्रकोष्ठ के समिनार को संबोधित कर रहे थे। सेमिनार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली, राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर और संगठन मंत्री फणीन्द्रनाथ शर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर अधिवक्ता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक गोपाल शर्मा और एक भारत श्रेष्ठ भारत के संयोजक पर्व शर्मा भी मौजूद रहे।
सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलीयन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य लिया है। देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए देश के हर नागरिक को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर होना होगा। चाहे उद्योग, शिक्षा, कौशल, व्यापार, हमारा वाणिज्य, तकनीकी, प्रोद्योगिकी के अलावा हर क्षेत्र आत्मनिर्भर बनेगा तभी भारत विकसित राष्ट्र बनेगा।
नायब सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जैसे ही भारत को आत्मनिर्भर बनाने का सकल्प लिया उसे देखते ही देखते यह भारत दुनिया की बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में खड़ा हो गया। पीएम मोदी ने भी कहा है कि भारत दुनिया की तीसरी आर्थिक शक्ति बनेगा। पीएम मोदी की सोच भारत को दुनिया का सबसे अग्रणी देश के रूप में खड़ा करना है।
आत्मनिर्भर भारत पर एक दोहा सुनाते हुए नायब सैनी ने कहा कि ‘‘स्वदेशी की डगर पर जब चलता है हर एक विचार, तभी होता है आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार’’। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनने के पांच स्तंभ है जिनमें हमारी इकोनोमी, हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर, हमारा सिस्टम, हमारी डेमोग्राफी और हमारी डिमांड शामिल है। 2014 के बाद भारत किस गति से बदला है यह सभी जानते हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है कई घंटों का सफर अब कुछ ही घंटों में तय हो रहा है।
नायब सैनी ने कहा कि हमारी योजनाओं का परिणाम है कि देश-विदेश के निवेशकों की पहली पसंद हरियाणा बना है। हरियाणा में 7 लाख 66 हजार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग लगे हैं और इन उद्योगों ने लगभग 39 लाख लोगों को रोजगार देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए गतिशील जनसांख्यिकी भी एक स्तंभ है। भारत के युवा और उत्साही आबादी देश के विकास की ऊर्जा बने इसका मूल मंत्र है। सीएम सैनी ने कहा कि हमारा लक्ष्य रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला होना चाहिए।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारी सरकार ने औद्योगिक विकास को और गति देने के लिए कानूनी और नियामक सरलीकरण के माध्यम से ई-डूइंग बिजनेस का इको सिस्टम भी तैयार किया है। यह कानूनी रूपरेखा उद्यमियों में हमारी सरकार के प्रति विश्वास को और बढ़ाती है। उन्होंने कहा हमारी सरकार ने उद्यम एवं रोजगार नीति 2020 के तहत उद्यामियों को 400 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता पहुंचाने का काम भी किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने व्यापार करने में आसानी और उद्योगों को गति देने के लिए 48 विभागों में 1100 से अधिक गैर जरूरी नीतियों को समाप्त किया है ताकि लोगों को समस्या ना हो। उन्होंने कहा कि हमारे किसान धान और गेहूं के स्थान पर दाल-दलहन की खेती ज्यादा करें तो सरकार ने भी इनकी एमएसपी में बढ़ातरी की है ताकि किसान सशक्त हो सके और आगे बढ़ सके। नायब सैनी ने कहा कि उद्योग क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए हमारी सरकार ने आत्मनिर्भर हरियाणा पोर्टल भी लांच किया है। अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए इस पोर्टल के माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ उठाया जा सकता है।
श्री सैनी ने कहा कि हमारी स्टार्टअप, एमएसएमई को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है और उद्योग हमारे सामाजिक, आर्थिक ताने-बाने की धमनिया हैं। वर्तमान में हरियाणा में 12 लाख से अधिक एमएसएमई के उद्योग पंजीकृत है जिनमें 65 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं की प्रतिभा से आज हरियाणा स्टार्टअप की संख्या के मामले में भारत में सातवें स्थान पर पहुंचा है। हरियाणा में आज साढ़े 9 हजार मान्यता प्राप्त स्टार्टअप काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनना कोई एक दिन की बात नहीं है यह सतत चलने वाली यात्रा है। सरकार, समाज, उद्योग, किसान, महिलाएं और युवा सभी ने मिलकर इसे आगे बढ़ाना है। आज इस सम्मेलन से आत्मनिर्भरता और स्वदेशी का संदेश निकलकर हर घर तक पहुंचे यही हमारी भावना है।
मुख्यमंत्री ने विधि प्रकोष्ठ के सभी सदस्यों की प्रशंसा की और कहा कि आप लोग जो बात कहते हैं उसे जनता सुनती है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता लोगों से ज्यादा संपर्क में रहते हैं, इसलिए सभी एकजुट होकर लोगों को स्वदेशी के प्रति जागरूक करें।
*घर-घर स्वदेशी हमारा लक्ष्य : मोहन लाल बड़ौली*
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने आत्मनिर्भर भारत अभियान पर सेमिनार में चर्चा करते हुए कहा कि स्वदेशी संकल्प एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव है। उन्होंने कहा कि हम अपने देश में बने उत्पादों को अपनाए, अपनी संस्कृति को गले लगाएं, और अपने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करें। हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी हमारा मंत्र है, हमारा लक्ष्य है और हमारी शक्ति है।
श्री बड़ौली ने कहा कि स्वदेशी केवल आर्थिक क्षेत्र में ही नहीं है, यह हमारी संस्कृति और आत्मा का हिस्सा है। हम विदेशी वस्तुओं के पीछे भागने के बजाय अब अपनी जड़ों को पहचान रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया और आज मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल अवसंरचना और “वोकल फॉर लोकल“ जैसे अभियान इसी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी शक्ति, हमारी संस्कृति और हमारी उद्योग-कुशलता ही हमें आत्मनिर्भर भारत की ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
*आत्मनिर्भर भारत का रास्ता स्वदेशी के प्रयोग और निर्माण से होकर जाता है : अलका गुर्जर*
भाजपा की राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर ने कहा जब हम स्वदेशी अपनाते हैं, तो हम अपने देश की मिट्टी से जुड़ते हैं, अपने लोगों की मेहनत को सम्मान देते हैं. और अपने देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक कदम बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का मानना था कि आर्थिक व्यवस्था स्वदेशी पर आधारित होनी चाहिए। जब तक यह स्वदेशी नहीं होगी, यह न तो हमारी स्वतंत्रता की रक्षा कर सकती है और न ही न्याय की गारंटी दे सकती है।
राष्ट्रीय सचिव गुर्जर ने कहा कि आज भाजपा सरकार इसी मंत्र पर चलते हुए स्वदेशी को बढ़ावा दे रही है। मेक इन इंडिया’ से लेकर ’स्टार्टअप इंडिया’, ’वोकल फॉर लोकल’ से लेकर ’आत्मनिर्भर भारत’ तक हर पहल का लक्ष्य यही है कि हम विदेशी निर्भरता कम करें और स्वदेशी उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाएं।
*आत्मनिर्भर भारत बनाने में जन भागीदारी जरूरी : फणीन्द्रनाथ शर्मा*
संगठन मंत्री फणीन्द्रनाथ शर्मा ने सेमिनार में बोलते हुए कहा कि स्वदेशी का मतलब सिर्फ भारत में बनी वस्तुओं को प्रयोग करना नहीं है, बल्कि यह हमारी अर्थव्यवस्था में नया मूल्य जोड़ने और भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जाने का मंत्र है। जब हम अपने उद्योगों को मजबूत करते हैं, कौशल और तकनीक को बढ़ावा देते हैं, तो हम न सिर्फ आत्मनिर्भर बनते हैं बल्कि दुनिया को भी अपनी शक्ति का परिचय देते हैं। उन्होंने सभी लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि आज समय है देश के इस गौरवशाली विरासत को भविष्य की तैयारी के साथ पुनः स्थापित करने का जिसके लिए प्रत्येक भारतवासी की जन भागीदारी आवश्यक है।
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